Wednesday, 17 August 2011

न वो सो सके जो दूर थे न वो सो सके जो पास
न वो सो सके जो जो bahar थे न वो सो सके जो अन्दर
न  वो सो सके जो यह सोच रहे थे   की हम सो रहे हैं


उधि थी एक अंधी
उदा था एक जन सह्लब
था हर हिन्दुस्तानी के मनन में एक ही सवाल
क्यों १५ को पाई आज़ादी १६ को खोयी थी
क्यों एक बार फिर भारत मान रोई थी

Deathless

To know the deathless is the ultimate goal of life. Desires are a distraction; they are only of objects that are transient. More one desir...